CG News- छत्तीसगढ़ में व्यापार, कारोबार और उद्योगों को बढ़ावा देने तथा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार और श्रम विभाग ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने दुकानदारों और छोटे-बड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। इसके लिए विभाग ने अपने संबंधित अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किया है, जिसके तहत अब नया व्यवसाय शुरू करने के लिए लाइसेंस (गुमास्ता या श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र) के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आवेदन करने के मात्र 24 घंटे के भीतर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के लागू होने से अब कोई भी व्यापारी या दुकान मालिक जब श्रम विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपने प्रतिष्ठान के पंजीकरण के लिए आवेदन करेगा, तो दस्तावेजों की जांच के बाद महज 24 घंटे के अंदर उसका 'श्रम पहचान संख्या' (LIN) आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र ऑनलाइन ही जनरेट हो जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरों और ग्रामीण अंचलों के व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी कागजी औपचारिकताओं से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
नियमों में बदलाव से व्यापारियों और राज्य को होने वाले प्रमुख फायदे:
समय की बचत और त्वरित शुरुआत: अब व्यापारियों को अपनी दुकान या प्रतिष्ठान शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे वे तुरंत अपना काम शुरू कर सकेंगे।
भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम: पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन होने और 24 घंटे की कड़ी समय-सीमा तय होने से दफ्तरों में बाबूराज और बिचौलियों का दखल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
24/7 कारोबार को बढ़ावा: यह सरलीकरण राज्य सरकार के उस हालिया फैसले को भी मजबूती देगा, जिसके तहत छत्तीसगढ़ (विशेषकर रायपुर) को महानगरों की तर्ज पर विकसित करने के लिए दुकानों को 24 घंटे और सातों दिन खोलने की अनुमति दी जा रही है।
अर्थव्यवस्था और रोजगार में वृद्धि: ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के व्यापारिक मॉडल को समान अवसर मिलने से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन खुलेंगे और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस त्वरित प्रणाली का उद्देश्य छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों को एक सुरक्षित और सहयोगी व्यावसायिक माहौल देना है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे में त्वरित लाइसेंस मिलने के बाद भी नियोक्ताओं को श्रम कल्याण से जुड़े बुनियादी नियमों, जैसे कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना और तय घंटों से अधिक कार्य न कराना, का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। सरकार के इस कदम का छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स और विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के आर्थिक विकास में मील का पत्थर बताया है।
















