Raipur Jagannath Rath Yatra: रायपुर के गायत्री नगर में उमड़ी श्रद्धा की अनूठी लहर! राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निभाई 'छेरा-पहरा' की पावन परंपरा

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Raipur Jagannath Rath Yatra: रायपुर के गायत्री नगर में उमड़ी श्रद्धा की अनूठी लहर! राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निभाई 'छेरा-पहरा' की पावन परंपरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर भव्य रथयात्रा महोत्सव-2026 अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस गौरवशाली सांस्कृतिक समागम में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से शामिल हुए। दोनों विभूतियों ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

सोने की झाड़ू से बुहारी राह, दिया सामाजिक समरसता का संदेश

महाप्रभु की प्रतिमाओं को रथ पर विराजित करने से पहले राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक और ऐतिहासिक 'छेरा-पहरा' की रस्म निभाई। उन्होंने पारंपरिक रीति के अनुसार सोने की झाड़ू से महाप्रभु के रथ के आगे के मार्ग का प्रतीकात्मक रूप से मार्जन (सफाई) किया और रथमार्ग का शुद्धिकरण किया।

छेरा-पहरा का आध्यात्मिक महत्व:

सनातन संस्कृति में छेरा-पहरा की यह पावन परंपरा इस बात का सबसे बड़ा जीवंत प्रतीक है कि भगवान के दर पर राजा हो या रंक, सब समान हैं और जनसेवा ही सर्वोच्च धर्म है। इस रस्म के बाद वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और "जय जगन्नाथ" के गगनभेदी जयघोष के बीच महाप्रभु को रथ पर विराजित कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।

अन्नदाता की खुशहाली और उत्तम वर्षा की कामना

इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ केवल आराध्य नहीं, बल्कि हमारे किसानों के रक्षक और अन्नदाता हैं। उन्होंने महाप्रभु से प्रार्थना करते हुए कहा:

भरपूर मानसून: प्रदेश में इस वर्ष समय पर और पर्याप्त वर्षा हो जिससे चारों तरफ हरियाली छाए।

समृद्ध कृषि: छत्तीसगढ़ के किसानों की मेहनत सफल हो, धान की बालियों में दूध भरे और राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

सांस्कृतिक सेतु: ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ का उत्कल संस्कृति से प्राचीन और अटूट रिश्ता है। यह पर्व दक्षिण कोसल (छत्तीसगढ़) और उत्कल भूमि की सांस्कृतिक परंपराओं के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।

इस भव्य धार्मिक और लोकसंस्कृति के उत्सव में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, स्थानीय विधायक पुरंदर मिश्रा समेत विभिन्न निगम-मंडलों व आयोगों के अध्यक्ष, सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर भक्ति, संकीर्तन और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूजा-अर्चना कर 'छेरा-पहरा' की रस्म अदा की।

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