Raipur River Front Project: रायपुर में दिखेगा बनारस-उज्जैन जैसा नजारा! खारुन नदी पर बनेगा भव्य रिवर फ्रंट, ₹61 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

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Raipur River Front Project: रायपुर में दिखेगा बनारस-उज्जैन जैसा नजारा! खारुन नदी पर बनेगा भव्य रिवर फ्रंट, ₹61 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। यदि आप भी बनारस के घाटों की भव्यता और उज्जैन के खूबसूरत शिप्रा रिवर फ्रंट को देखकर यह सोचते थे कि छत्तीसगढ़ में ऐसा नजारा कब देखने को मिलेगा, तो आपका यह इंतजार अब खत्म हो गया है। रायपुर की लाइफलाइन कही जाने वाली पावन खारुन नदी (महादेव घाट) को अब एक नई, बेहद खूबसूरत और धार्मिक-पर्यटन पहचान मिलने जा रही है। छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसके कायाकल्प के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।

61 करोड़ रुपये के भव्य प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने ₹61 करोड़ के बजट को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत खारुन नदी के तट को उज्जैन के प्रसिद्ध रिवर फ्रंट की तर्ज पर बेहद आधुनिक और सुंदर बनाया जाएगा।

प्रोजेक्ट के तहत किए जाने वाले प्रमुख कार्य:

सुंदर पक्के घाट: नदी के किनारों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बैठने के लिए बेहद आकर्षक और मजबूत पक्के घाटों का निर्माण किया जाएगा।

रिवर फ्रंट पाथ-वे: सुबह और शाम की सैर के लिए नदी के किनारे सुंदर वॉक-वे और लाइटिंग की व्यवस्था होगी।

धार्मिक कॉरिडोर: महादेव घाट के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए पूरे परिसर को आध्यात्मिक स्वरूप में ढाला जाएगा।

हर शाम गूंजेगी शंखध्वनि, होगी भव्य महाआरती

इस प्रोजेक्ट का सबसे मुख्य और आकर्षक हिस्सा होगा—नियमित महाआरती। बनारस (काशी) के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर अब रायपुर के खारुन तट पर भी हर शाम पूर्ण विधि-विधान, शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए घाट पर विशेष रूप से विशाल आरती प्लेटफार्म तैयार किए जाएंगे। इस पहल से न केवल छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राजधानी वासियों को परिवार के साथ सुकून के पल बिताने और अपनी अनूठी संस्कृति से रूबरू होने का एक बेहतरीन मुकाम मिलेगा।

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