SECL कुसमुंडा माइंस में बड़ा हादसा: 170 फीट गहरी खाई में गिरा 60 टनी डंपर, ऑपरेटर सत्य नारायण की दर्दनाक मौत

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SECL कुसमुंडा माइंस में बड़ा हादसा: 170 फीट गहरी खाई में गिरा 60 टनी डंपर, ऑपरेटर सत्य नारायण की दर्दनाक मौत

कोरबा: छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा से एक बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली खबर सामने आ रही है। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट खदान में शनिवार की देर रात एक भीषण और दिल दहला देने वाला हादसा घटित हो गया। इस खदान हादसे में वहां पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी पर तैनात विभागीय डंपर ऑपरेटर सत्य नारायण (Satyayanarayan) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरी खदान परियोजना क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और साथी खदान श्रमिकों व श्रमिक संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भयानक वाकया कुसमुंडा खदान के भीतर स्थित खोडरी फेस (Khodri Face) में घटित हुआ। शनिवार देर रात जब खदान में उत्पादन और ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग का काम सामान्य रूप से चल रहा था, तभी ऑपरेटर सत्य नारायण विभागीय कार्य के तहत लगभग 60 टन की भारी-भरकम क्षमता वाले विशालकाय डंपर को लेकर डंपिंग यार्ड की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान, डंपिंग फेस के मुहाने पर अचानक डंपर अनियंत्रित हो गया और पीछे की ओर संभलने का मौका न मिलते हुए देखते ही देखते करीब 170 फीट गहरी और पथरीली खाई में जा गिरा।

हादसा इतना भीषण था कि 170 फीट की ऊंचाई से बार-बार पलटते हुए नीचे गिरने के कारण 60 टनी विशाल डंपर के परखच्चे उड़ गए और वह कबाड़ के लोहे के ढेर में तब्दील हो गया। डंपर के केबिन में ही ऑपरेटर सत्य नारायण बुरी तरह फंस गए। घटना की तेज आवाज सुनकर खदान में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एसईसीएल की विशेष रेस्क्यू टीम (Rescue Team) को भारी क्रेनों और कटर मशीनों के साथ मौके पर रवाना किया गया। रेस्क्यू टीम ने घंटों की बेहद मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद डंपर के मलबे को काटकर ऑपरेटर सत्य नारायण के क्षत-विक्षत शव को बाहर निकाला।

इस दर्दनाक हादसे के बाद कुसमुंडा अंचल की तमाम श्रमिक यूनियनों ने खदान प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और डंपिंग यार्ड पर पुख्ता 'बर्म' (सुरक्षा दीवार) न होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और कलेक्ट्रेट व माइनिंग विभाग के उच्च अधिकारी भी जांच के लिए कुसमुंडा माइंस पहुंच गए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और एसईसीएल प्रबंधन ने भी आंतरिक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच समिति गठित कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर खदानों के भीतर रात के समय सुरक्षा और विजिबिलिटी के पुख्ता इंतजामों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा खुली खदान में शनिवार देर रात एक भीषण हादसा हो गया।

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