CG Fire Safety Guideline: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला; हर बहुमंजिला इमारत में 'फायर सेफ्टी ऑफिसर' की नियुक्ति अनिवार्य, नई गाइडलाइन जारी

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CG Fire Safety Guideline: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला; हर बहुमंजिला इमारत में 'फायर सेफ्टी ऑफिसर' की नियुक्ति अनिवार्य, नई गाइडलाइन जारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती बहुमंजिला इमारतों और उनमें होने वाली संभावित आगजनी की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार ने बहुमंजिला और हाई-राइज (High-Rise) इमारतों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए नई फायर सेफ्टी गाइडलाइन (अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश) आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। इस नए और कड़े कानून के लागू होने के बाद अब राज्य की हर ऊंची बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शहरी इलाकों में स्थित रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों में रहने वाले नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को शत-प्रतिशत पुख्ता करना है।

नई सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहरों में स्थित 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली सभी आवासीय (रेसिडेंशियल) और व्यावसायिक (कमर्शियल) इमारतों में अब एक प्रमाणित 'फायर सेफ्टी ऑफिसर' (Fire Safety Officer) की स्थाई नियुक्ति करना कानूनी रूप से पूरी तरह अनिवार्य होगा। यह फायर सेफ्टी ऑफिसर बिल्डिंग के भीतर लगे सभी आधुनिक अग्निशमन यंत्रों, स्प्रिंकलर सिस्टम, फॉग मशीन, और फायर अलार्म की नियमित जांच और उनके रखरखाव के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। इसके अलावा, बिल्डिंग में रहने वाले नागरिकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए समय-समय पर 'फायर मॉक ड्रिल' का आयोजन करना भी इस अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी का हिस्सा होगा।

सरकार द्वारा जारी किए गए इन नए नियमों के तहत अब भवनों में राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता (National Building Code) के तहत तय किए गए सभी उच्च सुरक्षा मानकों और मापदंडों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। गृह विभाग और अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर इन गगनचुंबी इमारतों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करें। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी बहुमंजिला परिसर में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में रत्ती भर भी लापरवाही, तकनीकी खामी या नियमों की जानबूझकर अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित भवन मालिक या प्रबंधन समिति के खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कड़े कानून में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह रखा गया है कि यदि कोई बिल्डिंग प्रबंधन बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सुरक्षा नियमों को दरकिनार करता है या फायर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति नहीं करता है, तो जिला प्रशासन और फायर विभाग को उस पूरी बिल्डिंग को तत्काल प्रभाव से 'सील' (Sealing of Property) करने का पूर्ण विधिक अधिकार होगा। आगजनी जैसी भयावह और जानलेवा आपदाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से बिल्डरों और टाउनशिप डेवलपर्स के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि विकास और आधुनिकता के इस दौर में आम जनता की सुरक्षा और उनकी जिंदगी के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता या रियायत नहीं की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने नए फायर सेफ्टी नियम लागू किए हैं, जिसके तहत 15 मीटर से ऊंची सभी बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी अफसर रखना अनिवार्य होगा।

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