रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के छह प्रमुख शहरों के पुराने और जर्जर हो चुके सरकारी परिसरों की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। राज्य सरकार इन अनुपयोगी और खस्ताहाल जमीनों पर आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस 'मिनी स्मार्ट सिटी' विकसित करने की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। सरकार की इस री-डेवलपमेंट (पुनर्विकास) योजना के दूसरे चरण के तहत रायपुर सहित प्रदेश के छह बड़े शहरों में 10 नए प्रोजेक्ट लाने की ब्लूप्रिंट तैयार कर ली गई है।
इस बेहद खास और आधुनिक परियोजना के जरिए शहरों के प्राइम लोकेशन पर स्थित जर्जर शासकीय मकानों और दफ्तरों को ध्वस्त किया जाएगा। उनकी जगह पर सर्वसुविधायुक्त गगनचुंबी आधुनिक आवास, गाड़ियों के दबाव को कम करने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, कमर्शियल हब के रूप में शॉपिंग मॉल, आलीशान होटल और चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस री-डेवलपमेंट प्लान का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीनों का सही और अधिकतम उपयोग करना है, जिससे न सिर्फ शहरों का सुनियोजित विकास होगा बल्कि आम जनता को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
राजस्व बढ़ाने और शहर को सुंदर बनाने की कवायद
इस योजना के तहत पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल या सरकारी एजेंसियों के माध्यम से इन मिनी स्मार्ट सिटीज का निर्माण कराया जाएगा। नए प्रोजेक्ट्स के आने से एक तरफ जहां जर्जर भवनों के कारण होने वाले हादसों का खतरा हमेशा के लिए टल जाएगा, वहीं दूसरी तरफ शहरों के भीतर ही लोगों को आधुनिक रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र मिल सकेंगे। शॉपिंग मॉल और होटलों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सरकार के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी। रायपुर के अलावा जिन अन्य पांच शहरों को इस री-डेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में शामिल किया जा रहा है, वहां के स्थानीय प्रशासन ने जमीनों का चिन्हांकन और सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है।














