जिला अस्पताल का 'महा-ब्लंडर': सामान्य बुखार को बता दिया लीवर-किडनी डैमेज! सहमी छात्रा को मेकाहारा किया रेफर, निजी अस्पताल में खुला डॉक्टरों की लापरवाही का राज!

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जिला अस्पताल का 'महा-ब्लंडर': सामान्य बुखार को बता दिया लीवर-किडनी डैमेज! सहमी छात्रा को मेकाहारा किया रेफर, निजी अस्पताल में खुला डॉक्टरों की लापरवाही का राज!

दुर्ग: जिला अस्पताल दुर्ग में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की गंभीर लापरवाही का एक और ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाते हुए एक सामान्य बुखार से पीड़ित मरीज को सीधे लीवर और किडनी डैमेज होने की खौफनाक रिपोर्ट थमा दी। इस गलत डायग्नोसिस (निदान) के कारण मरीज के परिजन कई दिनों तक गहरे सदमे और मानसिक तनाव में रहे, लेकिन जब निजी अस्पताल में जांच कराई गई तो जिला अस्पताल के डॉक्टरों का यह 'महा-ब्लंडर' उजागर हो गया।

यह ताजा और गंभीर मामला दुर्ग के केला बाड़ी क्षेत्र का है। यहां रहने वाली आलिया खान, जो कि भविष्य में खुद डॉक्टर बनने के लिए नीट (NEET Exam) की तैयारी कर रही हैं, उन्हें पिछले दिनों सामान्य बुखार आया था। बुखार ठीक न होने पर परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने आलिया की प्राथमिक जांच के बाद परिजनों को जो बताया, उससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने दावा किया कि आलिया के शरीर का लीवर और किडनी बुरी तरह डैमेज (खराब) हो चुका है और स्थिति नियंत्रण से बाहर है। इसके साथ ही डॉक्टरों ने हाथ खड़े करते हुए मरीज को तुरंत रायपुर के मेकाहारा (मेकाहारा अस्पताल) रेफर करने की सलाह दे दी।

प्राइवेट अस्पताल में खुली पोल, शिकायत के बाद भी जांच ठप

जिला अस्पताल के डॉक्टरों की बात सुनकर घबराए परिजन आलिया को रायपुर ले जाने के बजाय तुरंत शहर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां के डॉक्टरों ने जब आलिया की नए सिरे से पूरी पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की, तो रिपोर्ट देखकर सब हैरान रह गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि आलिया को लीवर या किडनी से जुड़ी कोई भी बीमारी नहीं है, बल्कि वह सिर्फ सामान्य मौसमी बुखार (वायरल फीवर) से पीड़ित थी। निजी अस्पताल में कुछ दिनों के सामान्य इलाज के बाद आलिया पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई।

इस बेहद गंभीर लापरवाही और गलत इलाज की कोशिश से नाराज आलिया के परिजनों ने दुर्ग जिला अस्पताल प्रबंधन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि सरकारी डॉक्टरों की इस भारी चूक की वजह से उनकी बेटी की जान को गंभीर खतरा हो सकता था और उन्हें भारी आर्थिक व मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस संवेदनशील मामले में न तो कोई जांच कमेटी बनाई है और न ही दोषी डॉक्टरों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की है, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।

दुर्ग जिला अस्पताल की बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई है। नीट की तैयारी कर रही छात्रा के सामान्य बुखार को डॉक्टरों ने लीवर और किडनी डैमेज होना बता दिया।

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