छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से मानवीय संवेदनाओं और इंसानियत को पूरी तरह से शर्मसार कर देने वाला एक बेहद घिनौना मामला प्रकाश में आया है। जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में एक 50 वर्षीय अधेड़ ने मर्यादा और लोकलाज की सारी हदें पार करते हुए महज 8 वर्ष की एक मासूम निष्पाप बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि गांव की सुरक्षा और सूचना व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाला 50 वर्षीय ग्राम कोतवाल ही है। इस घिनौनी और कायरतापूर्ण घटना के उजागर होने के बाद से पूरे क्षेत्र और समाज में भारी आक्रोश व तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है।
पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपी कोतवाल ने सूनेपन का फायदा उठाकर मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया और उसके साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। बच्ची के बदहवास हालत में घर पहुंचने और परिजनों को आपबीती बताने के बाद घटना का खुलासा हुआ। पीड़ित परिवार बिना वक्त गंवाए तुरंत डौंडीलोहारा थाने पहुंचा और मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना की संवेदनशीलता और पीड़िता की गंभीर उम्र को देखते हुए पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 50 वर्षीय आरोपी कोतवाल को उसके ठिकाने से धर दबोचा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत गंभीर धाराओं तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का तत्काल शासकीय अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल जांच) कराया गया है, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गांव में पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल और जन-आक्रोश को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की डायरी को बेहद मजबूती से तैयार किया जा रहा है ताकि आरोपी को न्यायालय से कड़ी से कड़ी और ऐतिहासिक सजा दिलवाई जा सके।

















