छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित 'छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट' कार्यक्रम में देश की सात प्रमुख कंपनियों ने राज्य में कुल 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (MoU) सौंपे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में मिले इन भारी-भरकम प्रस्तावों से प्रदेश में सीधे तौर पर 7,800 से अधिक उच्च स्तरीय रोजगार सृजित होने की प्रबल संभावना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
हैदराबाद के बड़े उद्योगपतियों और टेक-दिग्गजों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज 'विकसित भारत के ग्रोथ इंजन' के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए 'रेड कारपेट' बिछा हुआ है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु से लेकर जापान और दक्षिण कोरिया तक आयोजित कार्यक्रमों के जरिए अब तक राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें धरातल पर उतारने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत तेजी से काम किया जा रहा है।
इस बार प्राप्त प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आया है, जहां 'हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड' ने ₹4,200 करोड़ की लागत से भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 'फीग्रेड एंड कंपनी' सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये और 'निवाई लैब्स' एआई, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सेमीकंडक्टर असेंबली के क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ का निवेश करेगी। साथ ही टेक्सटाइल क्षेत्र में श्री सरवणा मिल्स ₹528 करोड़, सौर ऊर्जा उपकरण में एसजी मार्ट ₹700 करोड़, फार्मा में काबरा ड्रग्स ₹200 करोड़ और डेयरी सेक्टर में दिनशॉज़ ₹40 करोड़ का निवेश करेंगे।
हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गूगल इंडिया, आईबीएम (IBM), पॉलीकैब और पेज इंडस्ट्रीज जैसी वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी वन-टू-वन बैठकें कीं। इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन ने रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सहित आबकारी व उद्योग विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस सफल आयोजन ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक और तकनीकी हब के रूप में स्थापित कर दिया है।












