रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने आगामी मानसून और बारिश के सीजन को देखते हुए शहर के संवेदनशील इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में उन्होंने नगर निगम जोन 4 के अंतर्गत सिविल लाइन वार्ड क्षेत्र में स्थित भावे नगर बस्ती नाला क्षेत्र का औचक दौरा किया। महापौर ने वहां चल रहे बारिश पूर्व नाला सफाई अभियान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और काम की जमीनी हकीकत को देखा। इस दौरान उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और निगम के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान सिविल लाइन वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संतोष हियाल, जोन 4 की जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह और जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र चंद्राकर मुख्य रूप से उपस्थित थे। महापौर ने नाले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जोन के स्वास्थ्य और तकनीकी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले पूरे नाला क्षेत्र की बहुत ही अच्छी तरह और गहराई से सफाई करवाई जाए, ताकि पानी का बहाव बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रह सके।
दौरे के वक्त जोन कमिश्नर ने महापौर को अवगत कराया कि नाले से जलकुंभी और गाद को हटाकर बारिश पूर्व सफाई का कार्य लगातार करवाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने एक तकनीकी समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि पास में स्थित तालाब और नाले का जमीनी लेवल लगभग समान है। इसके चलते तेज बारिश के दौरान तालाब का पानी नाले में और नाले का बैकवाटर तालाब में चला जाता है, जिससे ओवरफ्लो होने के कारण बस्ती में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है।
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों की बात को गंभीरता से सुना और निर्देश दिए कि फिलहाल नाले की मुस्तैदी से सफाई की जाए ताकि स्थानीय नागरिकों और बस्ती वासियों को जलभराव के कारण किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने इस समस्या के भविष्य में स्थायी समाधान के लिए एक दूरदर्शी सुझाव भी दिया। महापौर ने तकनीकी टीम को नाले और तालाब के जलक्षेत्र को आपस में पृथक (अलग) करने के लिए एक विस्तृत योजना और प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिससे इस सालाना समस्या का हमेशा के लिए खात्मा किया जा सके।












