परिवहन विभाग की हाई-लेवल बैठक में कड़े फैसले: मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे RTO/DTO, टैक्स न पटाने और परमिट दबाकर बैठने वाले बस ऑपरेटरों पर गिरेगी गाज!

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परिवहन विभाग की हाई-लेवल बैठक में कड़े फैसले: मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे RTO/DTO, टैक्स न पटाने और परमिट दबाकर बैठने वाले बस ऑपरेटरों पर गिरेगी गाज!

रायपुर: छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग को चुस्त-दुरुस्त करने और राजस्व घाटे को पाटने के लिए सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस प्रकाश ने लापरवाह अधिकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कई कड़े और दंडात्मक निर्देश जारी किए हैं। बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि कोई भी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) या जिला परिवहन अधिकारी (DTO) अब अपनी मर्जी से मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही काम करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित RTO/DTO प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।

बकाया टैक्स वसूली के लिए चलेगा विशेष अभियान

बैठक के दौरान जिलावार बकाया राजस्व की विस्तृत समीक्षा की गई। परिवहन आयुक्त ने राजस्व संग्रहण में ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए सभी RTO और DTO को वाहनों पर बकाया कर (टैक्स) वसूलने के लिए तत्काल एक विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत राज्य की सभी अंतर्राज्यीय जांच चौकियों (चेक पोस्ट) और उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) को बकायादार वाहनों की एक सूची सौंपी जाएगी, ताकि सड़कों पर ही ऐसे वाहनों को रोककर कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की जा सके।

परमिट दबाकर बैठने वाले बस संचालकों पर कसेगा शिकंजा

यात्रियों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था के लिए बस संचालन पर भी नियमों का शिकंजा कस दिया गया है। अब प्रदेश के सभी प्रमुख बस स्टैंडों पर बसों की रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी। समय सारिणी (टाइम टेबल) का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया है कि जो बस संचालक रूट का परमिट लेकर भी बसें नहीं चला रहे हैं, उनके परमिट को तुरंत निरस्त (कैंसिल) किया जाएगा, ताकि उस रूट पर नए आवेदकों को मौका मिल सके। इसके अलावा, बिना उपयोग के कबाड़ या शेड में खड़ी निजी बसों की भी कड़ाई से जांच होगी।

लग्जरी बसों की चेकिंग और फर्जी फिटनेस सेंटरों पर FIR के आदेश

बैठक में दुर्ग जिले के एक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध और फर्जी तरीके से फिटनेस सर्टिफिकेट बांटने का गंभीर मामला सामने आया, जिस पर आयुक्त ने संबंधित सेंटर, वेंडरों और वाहन मालिकों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, अन्य राज्यों से आने-जाने वाली लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान की तस्करी या ओवरलोडिंग पाए जाने पर सीधे बस जब्ती और एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को लेकर भी पारदर्शिता बरतते हुए निर्देश दिया गया है कि ड्राइविंग टेस्ट सिर्फ RTO या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में परिवहन कार्यालय के भीतर ही संपन्न होगा।

सड़क हादसों के लिए लागू होगी पीएम राहत योजना

परिवहन आयुक्त ने कहा कि सड़क हादसों में घायलों की त्वरित मदद के लिए 'प्रधानमंत्री राहत योजना' को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू किया जाएगा। किसी भी बड़े हादसे के बाद RTO/DTO खुद दुर्घटना स्थल की तकनीकी जांच करेंगे। आम जनता को जागरूक करने के लिए सभी अस्पतालों और थानों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इसके अलावा, वाहन डीलरों की सहूलियत के लिए नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन और पुरानी गाड़ियों (Used Cars) के ट्रांसफर की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने पर सहमति बनी। एएनपीआर (ANPR) कैमरों से कटने वाले ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन दफ्तरों में अलग से काउंटर बनाए जाएंगे और गलत चालान की शिकायतों का तुरंत सत्यापन कर उन्हें निरस्त किया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने सभी जिला अधिकारियों को इन निर्देशों पर अमल कर 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (कम्प्लायंस रिपोर्ट) मुख्यालय भेजने का अल्टीमेटम दिया है।

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस प्रकाश ने संयुक्त समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए हैं।

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