रायपुर: राजधानी रायपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावों के बीच स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार पर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूटने लगा है। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज शहर के महाराजबंध तालाब पहुंचकर वहां रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से बनाए जा रहे 3 एमएलडी (3\text{ MLD}) क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण कार्यों का प्रत्यक्ष और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम जोन 5 के जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल और जोन कमिश्नर खीरसागर नायक सहित स्मार्ट सिटी के तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे। मौके पर काम की बेहद धीमी और लचर स्थिति को देखकर महापौर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य को देखकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही अनुबंधित ठेका कंपनी 'मेसर्स समृद्धि वाटर वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड' के प्रतिनिधि और मौजूद इंजीनियरों को जमकर फटकार लगाई। महापौर ने दोटूक शब्दों में कहा कि जनहित के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेती-देती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार को कड़े निर्देश दिए कि वे तत्काल साइट पर अतिरिक्त कुशल श्रमिकों और आधुनिक मशीनों की संख्या बढ़ाएं, ताकि रुके हुए काम में तेजी लाई जा सके और मानसून के दौरान जलभराव व प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सके।
महापौर की इस कड़ी फटकार और सख्त तेवरों के बाद बैकफुट पर आए अनुबंधित ठेकेदार के प्रतिनिधि ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार की। ठेका कंपनी ने महापौर को लिखित और मौखिक आश्वासन देते हुए वादा किया कि महाराजबंध तालाब के इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बचा हुआ सारा तकनीकी कार्य आगामी 10 जुलाई 2026 तक हर हाल में शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा और प्लांट को चालू (Commissioned) कर दिया जाएगा। इस पर महापौर ने समय-सीमा को अंतिम चेतावनी मानते हुए दर्ज किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर दिन के काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करें।
श्रीमती मीनल चौबे ने मौके पर ही रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के उप अभियंता योगेंद्र साहू और शुभम तिवारी को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए कि यदि ठेकेदार द्वारा तय की गई समय-सीमा यानी 10 जुलाई 2026 तक काम पूरा नहीं किया जाता है, तो संबंधित कंपनी मेसर्स समृद्धि वाटर वर्क्स लिमिटेड के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में ठेकेदार के आगामी सभी प्रकार के सरकारी भुगतानों (Payments) पर तुरंत रोक लगाने की सख्त चेतावनी दी है। इस निरीक्षण के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी संदीप वर्मा सहित वार्ड के नागरिक और कलेक्ट्रेट व निगम के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।












