आसमान में उड़ता ड्रोन और सुधरती तकदीर: सारंगढ़ की सुनीता पटेल ऐसे बनीं छत्तीसगढ़ की 'लखपति ड्रोन दीदी'

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आसमान में उड़ता ड्रोन और सुधरती तकदीर: सारंगढ़ की सुनीता पटेल ऐसे बनीं छत्तीसगढ़ की 'लखपति ड्रोन दीदी'

कहते हैं कि अगर हौसलों को सही तकनीक और अवसरों के पंख मिल जाएं, तो ग्रामीण परिवेश की साधारण महिलाएं भी कामयाबी की नई उड़ान भर सकती हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छोटे से गांव खोरीगांव की रहने वाली सुनीता पटेल की है। सुनीता आज सिर्फ अपने घर की दहलीज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आसमान में ड्रोन उड़ाकर अपने खेतों को समृद्ध बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई "नमो ड्रोन दीदी" योजना का लाभ उठाकर सुनीता लखपति दीदी बन चुकी हैं और ग्रामीण सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश कर रही हैं। दिसंबर 2023 में ग्वालियर से 15 दिनों का कड़ा प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें उर्वरक कंपनी 'इफको' (IFFCO) की ओर से कृषि ड्रोन मिला, जिसने उनकी आजीविका को नए पंख दे दिए।

साल 2024 से शुरू हुआ सुनीता का यह सफर आज सफलता के शिखर पर पहुंच गया है। वे अब हर साल खेतों में आधुनिक तकनीक से दवा और खाद का छिड़काव करके 1 से 2 लाख रुपये की सम्मानजनक वार्षिक आय कमा रही हैं। सुनीता बिना किसी भेदभाव के गांव के हर अमीर-गरीब किसान के खेत में उतनी ही शिद्दत से काम करती हैं। हाल ही में सारंगढ़ मंडी प्रांगण में आयोजित 'खेती बचाओ अभियान' और 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला' में सुनीता के हुनर को देखने भारी भीड़ उमड़ी थी। वहां मौजूद प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सामने जब सुनीता ने रिमोट के जरिए भारी-भरकम ड्रोन को आसमान में उड़ाकर छिड़काव का सजीव प्रदर्शन किया, तो पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा और मंत्री जी ने भी उनके इस जज्बे की जमकर सराहना की।

सुनीता की यह अद्भुत सफलता दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) की ताकत को दर्शाती है। इस योजना के तहत 10वीं पास और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) द्वारा मुफ्त ट्रेनिंग और DGCA का आधिकारिक लाइसेंस दिया जाता है। सरकार ड्रोन खरीदने के लिए 80 प्रतिशत (अधिकतम 8 लाख रुपये) तक की भारी सब्सिडी और बचे हुए पैसों पर महज 3 फीसदी ब्याज दर पर लोन की सुविधा देती है। सुनीता आज पूरे जिले और पड़ोसी राज्यों की महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी हैं। इच्छुक महिलाएं इस योजना की विस्तृत जानकारी के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ की सुनीता पटेल 'नमो ड्रोन दीदी' योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। वे खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर सालाना ₹2 लाख तक कमा रही हैं।

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