बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और आम जनता को जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग ने एक बेहद खास मास्टरप्लान तैयार किया है। यातायात पुलिस द्वारा युवाओं की ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने के उद्देश्य से एनसीसी (NCC) और स्काउट-गाइड कैडेट्स के लिए एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुरु घासीदास विद्यालय के रजत जयंती सभा कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एक हजार से अधिक उत्साही कैडेट्स ने हिस्सा लिया, जिन्हें पुलिस ने अपनी इस मुहिम का मुख्य चेहरा बनाया है।
इस विशेष कार्यशाला के दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के कड़े नियमों, सिग्नलों की महत्ता और दुर्घटनाओं से बचने के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया। इसके साथ ही, कैडेट्स को आधुनिक तकनीक पर आधारित नए यातायात प्रबंधन सिस्टम की बारीकियों से भी रूबरू कराया गया। इस ट्रेनिंग का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि पुलिस प्रशासन ने इन सभी प्रशिक्षित स्काउट-गाइड कैडेट्स को आधिकारिक तौर पर बिलासपुर का 'यातायात ब्रांड एंबेस्डर' घोषित कर दिया।
अब ये युवा ब्रांड एंबेस्डर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, स्कूलों और अपने अड़ोस-पड़ोस में जाकर लोगों को हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट बांधने और यातायात नियमों का उल्लंघन न करने के लिए प्रेरित करेंगे। बिलासपुर पुलिस की इस अनूठी और दूरदर्शी पहल की पूरे शहर में जमकर सराहना की जा रही है। जानकारों का मानना है कि जब युवा खुद कमान संभालेंगे, तो समाज में ट्रैफिक नियमों के प्रति एक सकारात्मक बदलाव आएगा और सड़क हादसों के ग्राफ में भी भारी कमी देखने को मिलेगी।













